सीबीआई की टीम ने ठेकेदार राघव गोयल के घर छापा मारा। डीएसपी पवित्र सिंह की अगुवाई में चंडीगढ़ सीबीआई की टीम ने यह कार्रवाई की। बताया जा रहा है कि मामला एफआईआर नंबर 12/26 और पीसी एक्ट के तहत दर्ज केस से जुड़ा है।सूत्रों के अनुसार सीबीआई टीम ने राघव गोयल और उनके पिता विकास गोयल के घर पहुंचकर जांच शुरू की। हालांकि कार्रवाई के दौरान दोनों घर पर मौजूद नहीं मिले। टीम ने घर में मौजूद दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड की जांच की। बताया जा रहा है कि एजेंसी मामले से जुड़े अहम साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है।जानकारी के मुताबिक यह मामला 11 मई 2026 को सीबीआई थाना चंडीगढ़ में दर्ज एफआईआर से संबंधित है। फिलहाल एजेंसी पूरे मामले की गहन जांच कर रही है।इसी बीच सूत्रों के हवाले से यह भी जानकारी सामने आई है कि केंद्रीय एजेंसी ने कार्रवाई के बाद विजिलेंस डीजीपी कार्यालय को सील कर दिया है। सूत्रों का दावा है कि विजिलेंस प्रमुख का मोबाइल फोन बंद आ रहा है और उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। सीबीआई की कार्रवाई के बाद इलाके और राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। फिलहाल एजेंसी की ओर से मामले में कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया
है।
विजिलेंस अधिकारी का नाम भी जांच में सामने आया
सूत्रों के अनुसार विजिलेंस के एक बड़े अधिकारी का नाम भी जांच में सामने आया है। उनसे लंबी पूछताछ की जा रही है। इसके अलावा कुछ अन्य कर्मचारियों से भी अलग-अलग स्तर पर पूछताछ की गई। सीबीआई की टीम ने कार्रवाई के दौरान कुछ अहम दस्तावेज, मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और अन्य डेटा भी अपने कब्जे में लिया है। बताया जा रहा है कि एजेंसी अब इन रिकॉर्ड की जांच कर रही है।
सूत्रों के मुताबिक मामला एक फाइव स्टार होटल और प्रॉपर्टी से जुड़ी कथित डील से संबंधित है। चर्चा है कि इस डील को लेकर कथित तौर पर रिश्वत मांगी गई थी। सीबीआई अब यह भी जांच कर रही है कि क्या इस मामले में किसी बिचौलिए की भूमिका रही थी और क्या इससे पहले भी इसी तरह की डील की गई थीं।
सीबीआई की कार्रवाई के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू
सीबीआई की कार्रवाई के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है। शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर मामले को गंभीर बताया। मजीठिया ने दावा किया कि पंजाब विजिलेंस ब्यूरो में भ्रष्टाचार से जुड़े मामले लगातार सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
सूत्रों का कहना है कि सीबीआई आने वाले दिनों में इस मामले से जुड़े अन्य अधिकारियों, कर्मचारियों और कथित बिचौलियों को भी पूछताछ के लिए बुला सकती है। एजेंसी फिलहाल मामले से जुड़े वित्तीय लेन-देन और कॉल रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है। वहीं पंजाब सरकार और विजिलेंस ब्यूरो की तरफ से इस मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
ध्यान रहे कि दो दिन पहले ही ईडी की ओर से पंजाब के कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा पर कार्रवाई की गई है संजीव अरोड़ा 7 दिन के रिमांड पर है। अरोड़ा के बाद केंद्रीय जांच एजेंसी की ओर से यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है।
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