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डीएसजीएमसी द्वारा गुरुद्वारा बंगला साहिब में शिक्षा सेवा काउंटर स्थापित : हरमीत सिंह कालका

 


 

नई दिल्ली, 12 मई :

 

हरमीत सिंह कालका ने जानकारी देते हुए बताया कि दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा गुरुद्वारा बंगला साहिब के बाहर एक विशेष सेवा काउंटर स्थापित किया गया है, जिसका उद्देश्य जरूरतमंद और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को शिक्षा से जोड़ना तथा उनकी बुनियादी शैक्षणिक आवश्यकताओं को पूरा करना है।

उन्होंने बताया कि इस सेवा काउंटर पर संगत द्वारा दान की गई विभिन्न प्रकार की शैक्षणिक सामग्री रखी गई है, जिसमें किताबें, कॉपियां, पेंसिलें, रबर, शार्पनर, डायरियां, स्कूल बैग तथा अन्य आवश्यक अध्ययन सामग्री शामिल है। उन्होंने कहा कि यह सारी सामग्री उन जरूरतमंद परिवारों को उपलब्ध करवाई जाती है, जो अपने बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाने में सक्षम नहीं हैं।

सरदार कालका ने कहा कि आज के आधुनिक युग में शिक्षा मानव जीवन की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुकी है और दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी अपनी सामाजिक तथा पंथक जिम्मेदारी निभाते हुए इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट की शुरुआत कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि कौम को तरक्की के मार्ग पर आगे बढ़ाना है, तो हमारे बच्चों को उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा से जोड़ना बेहद जरूरी है।

उन्होंने आगे कहा कि यह प्रयास केवल एक सेवा नहीं, बल्कि समाज को ज्ञान की रोशनी से प्रकाशित करने का एक पवित्र उपक्रम है। उन्होंने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि संगत द्वारा इस सेवा के लिए अत्यंत उत्साह के साथ योगदान दिया जा रहा है। कोई किताबें दान कर रहा है, कोई कॉपियां, स्कूल बैग अथवा अन्य शैक्षणिक सामग्री देकर इस महान कार्य में अपना योगदान दे रहा है।

उन्होंने कहा कि दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का कार्य केवल इस सेवा का सुव्यवस्थित संचालन करना है, जबकि इस सेवा की वास्तविक शक्ति संगत का दसवंध और सेवा भावना है। जिस प्रकार संगत लंगर, ठंडे मीठे जल, आइसक्रीम तथा अन्य सेवाओं में योगदान देती है, उसी प्रकार अब “शिक्षा दान को भी एक महान सेवा के रूप में अपनाया जा रहा है।

सरदार हरमीत सिंह कालका ने संगत से अपील करते हुए कहा कि जो भी सज्जन चाहते हैं कि उनका दसवंध सही और जरूरतमंद स्थानों पर लगे, वे इस शिक्षा सेवा में बढ़-चढ़कर अपना योगदान दें। उन्होंने कहा कि नकद राशि के बजाय लोग अपनी सामर्थ्य के अनुसार शैक्षणिक सामग्री दान कर सकते हैं, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद बच्चों तक सहायता पहुंचाई जा सके।

उन्होंने बताया कि इस पूरी व्यवस्था को पारदर्शी और सुचारु ढंग से चलाने के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। उन्होंने कहा कि सामग्री दान करने वालों की भी व्यवस्थित रूप से एंट्री की जाती है तथा सामग्री प्राप्त करने वाले जरूरतमंद परिवारों के आधार कार्ड और आवश्यक विवरण दर्ज करके यह सुनिश्चित किया जाता है कि सहायता सही जरूरतमंद और पात्र बच्चों तक पहुंचे।

सरदार हरमीत सिंह कालका ने संगत से विनम्र अपील की कि वे इस महान “शिक्षा सेवा मुहिम में अपना योगदान देकर जरूरतमंद बच्चों के भविष्य को उज्ज्वल बनाने में सहयोग दें।

 

 

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