विहिप बजरंग दल के राष्ट्रिय नेता
माता भद्रकाली मंदिर में हुए नतमस्तक-कमेटी ने किया सन्मानित
कपूरथला 15 मई
ट्रिब्यून टाइम्स न्यूज :
माता भद्रकाली जी के 79वें ऐतिहासिक
मेले में विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय महामंत्री
बजरंग बागड़ा व बजरंग दल के पूर्व राष्ट्रीय संयोजक दिनेश दनोरिया विशेष तोर पर पहुंचे।इस
दौरान विश्व हिन्दू परिषद जालंधर विभाग के अध्क्ष्य नरेश पंडित,जालंधर विभाग के मंत्री
योगेश धीर, जिला मंत्री जोगिंदर तलवाड़,जिला सत्संग प्रमुख मनमोहन जोशी,बजरंग दल के
प्रदेश ब्लोपासना प्रमुख मुनीश बजरंगी,बजरंग दल के जिलाध्क्षय आनंद यादव,जिला उपाध्क्षय
इशांत महरा भी उपस्थित थे।इस दौरान विहिप बजरंग दल के राष्ट्रीय नेताओ ने माता भद्रकाली
के श्री चरणों में नतमस्तक होकर हिन्दू समज की एकजुटता और देश की प्रगति की कामना की।इस
दौरान माता भद्रकाली मंदिर कमेटी के प्रधान परषोतम पासी,चेयरमेन राधे शाम और मंदिर
कमेटी के सदस्यों के द्वारा विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय महामंत्री बजरंग बागड़ा
व बजरंग दल के पूर्व राष्ट्रीय संयोजक दिनेश दनोरिया,जालंधर विभाग के अध्क्ष्य नरेश
पंडित,जालंधर विभाग के मंत्री योगेश धीर को माता रानी की चुनरी और माता रानी की तस्वीर
भेंट कर सन्मानित भी किया गया।इस दौरान विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय महामंत्री बजरंग
बागड़ा व बजरंग दल के पूर्व राष्ट्रीय संयोजक दिनेश दनोरिया ने बातचीत करते हुए कहा
कि भारतीय समाज में मंदिर कमेटियों का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण और बहुआयामी है।ये
समितियां केवल पूजा-पाठ का प्रबंधन ही नहीं करतीं,बल्कि सामाजिक,सांस्कृतिक और आर्थिक
रूप से भी समाज की रीढ़ की हड्डी के रूप में कार्य करती हैं।उन्होंने कहा मंदिर कमेटियां
दैनिक पूजा,विशेष अनुष्ठान, और त्योहारों(जैसे नवरात्रि, दिवाली)का आयोजन करती हैं,
जिससे हमारी परंपराएं और संस्कृति जीवंत रहती हैं।वे नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से
जोड़े रखने में अहम भूमिका निभाती हैं।मंदिर एक ऐसा स्थान है जहां विभिन्न पृष्ठभूमि
के लोग एकजुट होते हैं।कमेटियां सामुदायिक प्रवचन,लंगर, और सांस्कृतिक कार्यक्रमों
के माध्यम से सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देती हैं।उन्होंने कहा कि एक साधारण मंदिर भी
लगभग 25 लोगों को नियमित रोजगार(पुजारी,सफाईकर्मी, सुरक्षाकर्मी,रसोइया) प्रदान करता
है।साथ ही मंदिर के आस-पास की दुकानें,फूलों का व्यापार और अन्य लघु उद्योग स्थानीय
अर्थव्यवस्था को गति देते हैं।कई मंदिर कमेटियां पुस्तकालय,विद्यालय या कन्या पाठशाला
का संचालन करती हैं।संकट के समय (जैसे आपदा,महामारी) में,ये समितियां राहत केंद्र के
रूप में भोजन,पेयजल और रहने की व्यवस्था प्रदान करती हैं।उन्होंने कहा कि मंदिर कमेटियां
केवल धार्मिक स्थलों के प्रबंधक नहीं हैं,बल्कि ये स्थानीय समाज के केंद्र हैं जो आध्यात्मिक
पोषण के साथ-साथ सामाजिक कल्याण और सांस्कृतिक एकता को सुदृढ़ करती हैं।बांगड़ा ने समूह
युवा पीढ़ी को अपील करते हुए कहा मंदिर कमेटिओ को सहयोग करे।उन्होंने कहा युवा पीढ़ी
का मंदिर कमेटियों में सहयोग करना न केवल सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखता है,बल्कि
इसे आधुनिकता के साथ आगे बढ़ाने में भी मदद करता है।युवा अपनी ऊर्जा,तकनीकी ज्ञान और
नए विचारों से मंदिर के कार्यों को सुव्यवस्थित कर सकते हैं।उन्होंने कहा युवा मंदिर
की गतिविधियों को डिजिटल कर सकते हैं,जैसे ऑनलाइन बुकिंग,दर्शन,ऑनलाइन दान/डोनेशन।स्वयंसेवक
के रूप में मंदिर के प्रमुख आयोजनों,उत्सवों,या भीड़ प्रबंधन में युवा स्वयंसेवक के
रूप में अपनी भूमिका निभा सकते हैं,जिससे मंदिर में अनुशासन बना रहे।उन्होंने कहा मंदिर
के वातावरण को जीवंत बनाने के लिए युवा आध्यात्मिक सत्र,योग कार्यशालाएं,या सांस्कृतिक
कार्यक्रम(भजन, कीर्तन)का आयोजन कर सकते हैं।मंदिर कमेटी के साथ मिलकर सामाजिक कार्यों
जैसे- गरीब बच्चों के लिए शिक्षा,स्वास्थ्य शिविर या पर्यावरण संरक्षण के लिए वृक्षारोपण
जैसे कार्य किए जा सकते हैं।उन्होंने कहा मंदिर के परिसर में स्वच्छता बनाए रखने और
उसे आधुनिक तरीके से सुसज्जित करने में युवा अपनी भूमिका निभा सकते हैं।उन्होंने कहा
युवा पीढ़ी के सक्रिय सहयोग से मंदिर न केवल आस्था का केंद्र बने रहेंगे,बल्कि वे सामाजिक
और सांस्कृतिक गतिविधियों का केंद्र भी बने रहेंगे।इस अवसर पर विश्व हिन्दू परिषद जालंधर
विभाग के मंत्री योगेश धीर,जिला मंत्री जोगिंदर तलवाड़, जिला सत्संग प्रमुख मनमोहन जोशी,जिला
सह मंत्री अशोक कुमार,बजरंग दल के प्रदेश ब्लोपासना प्रमुख मुनीश बजरंगी,बजरंग दल के
जिलाध्क्षय आनंद यादव,जिला उपाध्क्षय इशांत महरा,जिला उपाध्क्षय राजेश शर्मा शेखूपुर,
नगर संयोजक मोहित जस्सल,राजकुमार अरोड़ा,चंद्रमोहन भोला,अमित भरद्वाज,रवि,हनी महाजन,नीरज,पारस,मनी
महाजन आदि उपस्थित थे।
.jpg)
Post a Comment