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पंजाब को फिर से नंबर एक राज्य बनाने के लिए मिसल सतलुज द्वारा पूरे प्रदेश में “चढ़दी कला रैलियों” का ऐलान : अजेपाल सिंह बराड़

 


मोहाली 26 म,ई 2026 

मिसल सतलुज जत्थेबंदी के प्रधान अजेपाल सिंह बराड़ ने आज यहां एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि पंजाब को फिर से विकास, खुशहाली और तरक्की के रास्ते पर लाकर नंबर एक राज्य बनाने के उद्देश्य से मिसल सतलुज जत्थेबंदी द्वारा आने वाले दो महीनों के दौरान पूरे पंजाब में 17 विशाल “चढ़दी कला रैलियां” आयोजित की जाएंगी।उन्होंने कहा कि इन रैलियों का मुख्य उद्देश्य पंजाब के लोगों में नई सोच और व्यापक जन-चर्चा की शुरुआत करना है, ताकि राज्य के वास्तविक मुद्दों, युवाओं के भविष्य, खेती संकट, रोजगार, शिक्षा और महिलाओं के सशक्तिकरण जैसे विषयों को लोगों के सामने प्रमुखता से रखा जा सके।सरदार अजेपाल सिंह बराड़ ने कहा कि मिसल सतलुज जत्थेबंदी हमेशा पंजाब, पंजाबीियत और जनहित की आवाज बनकर संघर्ष करती रही है और अब समय आ गया है कि पंजाब को दोबारा तरक्की की राह पर लाने के लिए लोगों को एकजुट किया जाए। उन्होंने कहा कि ये रैलियां केवल राजनीतिक सभाएं नहीं होंगी, बल्कि पंजाब के भविष्य को लेकर लोगों से सीधा संवाद स्थापित करने का एक बड़ा मंच साबित होंगी।उन्होंने कहा कि इन “चढ़दी कला रैलियों” के माध्यम से मौजूदा सरकार की नाकामियों को भी जनता के सामने उजागर किया जाएगा और पंजाब के अधिकारों एवं जनहित के मुद्दों के प्रति जागरूकता पैदा की जाएगी। इसके साथ ही महिलाओं की भागीदारी और सशक्तिकरण को भी विशेष प्राथमिकता दी जाएगी।उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि रैलियों की शुरुआत 8 जून को ज़ीरा से की जाएगी। इसके बाद 11 जून को फतेहगढ़ साहिब, 15 जून को फरीदकोट, 18 जून को रोपड़, 22 जून को गढ़शंकर, 25 जून को घनौर, 29 जून को फिरोजपुर, 2 जुलाई को मोहाली, 6 जुलाई को बलाचौर, 8 जुलाई को आनंदपुर साहिब, 13 जुलाई को फाजिल्का, 16 जुलाई को राजपुरा, 20 जुलाई को नकोदर, 23 जुलाई को चमकौर साहिब, 27 जुलाई को बठिंडा, 30 जुलाई को नवांशहर और अंतिम रैली 3 अगस्त को सनौर में आयोजित की जाएगी।सरदार बराड़ ने कहा कि पूरे पंजाब में आयोजित होने वाली इन रैलियों की सफलता के लिए मिसल सतलुज जत्थेबंदी के सदस्य और वॉलंटियर पूरी मेहनत और समर्पण के साथ तैयारियों में जुट चुके हैं। उन्होंने कहा कि संगठन के सदस्य दिन-रात मेहनत और लगन के साथ कार्य कर रहे हैं, ताकि “चढ़दी कला रैलियां” पंजाब में नई उम्मीद, नई सोच और नई जागरूकता का संदेश दे सकें।उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग अब बदलाव, ईमानदार सोच और जनहित के लिए संघर्ष करने वाली नेतृत्वकारी शक्ति की प्रतीक्षा कर रहे हैं और मिसल सतलुज जत्थेबंदी पंजाब के भविष्य को मजबूत बनाने के लिए हर स्तर पर संघर्ष जारी रखेगी।




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