नई दिल्ली, 12 मई 2026
हरमीत सिंह कालका ने जानकारी देते
हुए बताया कि दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा गुरुद्वारा बंगला साहिब में
स्थित प्राचीन और ऐतिहासिक महत्व वाली लाइब्रेरी का संगत के सहयोग से बड़े स्तर पर
सफलतापूर्वक नवीनीकरण किया गया है। उन्होंने कहा कि यह लाइब्रेरी सिख इतिहास और विरासत
का एक अमूल्य खजाना है, जिसमें सदियों पुरानी पुस्तकें और दुर्लभ अध्ययन सामग्री सुरक्षित
रूप से संरक्षित की गई थी।
सरदार कालका ने कहा कि नवीनीकरण के
बाद यह लाइब्रेरी एक आधुनिक ज्ञान केंद्र के रूप में विकसित हुई है, जहां प्राचीन ग्रंथों
के साथ-साथ नई शिक्षा प्रणाली से संबंधित पुस्तकें भी उपलब्ध करवाई गई हैं। उन्होंने
बताया कि यहां गुरबाणी, सिख इतिहास, व्याख्यात्मक साहित्य तथा पुराने अखबारों का विशाल
संग्रह मौजूद है, जो पंथ की ऐतिहासिक यात्रा को जीवंत रूप में प्रस्तुत करता है।
उन्होंने बताया कि आधुनिक युग की आवश्यकताओं
को ध्यान में रखते हुए लाइब्रेरी में इंटरनेट सुविधा तथा आधुनिक कंप्यूटर प्रणाली स्थापित
की गई है, जिसके माध्यम से पाठक ऑनलाइन अध्ययन, शोध और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए
जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। यह व्यवस्था विशेष रूप से विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं
के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी।
सरदार कालका ने कहा कि यह लाइब्रेरी
केवल पुस्तकों का भंडार नहीं, बल्कि हमारी धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को समझने का
एक प्रमुख केंद्र है। यहां सुरक्षित रखे गए प्राचीन वॉल्यूम और दस्तावेज सिख कौम के
ऐतिहासिक पलों के साक्षी हैं तथा नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य करते हैं।
उन्होंने संगत से अपील करते हुए कहा
कि जो लोग पढ़ने में रुचि रखते हैं अथवा अपने ज्ञान में वृद्धि करना चाहते हैं, वे
गुरुद्वारा बंगला साहिब के कार्यालय परिसर में स्थित इस आधुनिक लाइब्रेरी का अवश्य
लाभ उठाएं। विशेष रूप से बच्चों और युवाओं के लिए यहां प्रारंभिक शिक्षा से लेकर उच्च
स्तर तक की पुस्तकें उपलब्ध हैं, जो उनके भविष्य को नई दिशा प्रदान करेंगी।
उन्होंने कहा कि गुरुद्वारा बंगला
साहिब अब केवल एक आध्यात्मिक केंद्र ही नहीं, बल्कि ज्ञान, शोध और आधुनिक शिक्षा का
भी एक प्रकाश-स्तंभ बनता जा रहा है। उन्होंने सभी संगतों से अपील की कि दर्शन करने
के साथ-साथ इस अनूठी लाइब्रेरी का भी दौरा करें और इसके विशाल ज्ञान-भंडार से लाभ प्राप्त
करें।

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