नई दिल्ली, 8 जून 2026
दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी
के अध्यक्ष सरदार हरमीत सिंह कालका ने छठे पातशाह साहिब श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी
के पावन गुरतागद्दी दिवस के अवसर पर देश-विदेश में निवास कर रही समस्त संगतों को लाख-लाख
बधाइयाँ एवं शुभकामनाएँ दी हैं।
अपने संदेश में सरदार हरमीत सिंह कालका
ने कहा कि श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी का गुरतागद्दी दिवस सिख इतिहास का एक अत्यंत
महत्वपूर्ण ऐतिहासिक दिवस है। गुरु साहिब जी ने मीरी और पीरी के सिद्धांत को व्यवहार
में लाकर सिख कौम को आध्यात्मिकता और शक्ति के अद्वितीय संतुलन का संदेश दिया। उन्होंने
मानवता की रक्षा, धार्मिक स्वतंत्रता तथा अत्याचार के विरुद्ध डटकर खड़े होने की प्रेरणा
प्रदान की।
उन्होंने कहा कि श्री गुरु हरगोबिंद
साहिब जी ने सिख कौम को केवल नाम सिमरन और सेवा से ही नहीं जोड़ा, बल्कि अन्याय और
अत्याचार के विरुद्ध संघर्ष करने का साहस भी प्रदान किया। अकाल तख्त साहिब की स्थापना
तथा दो तलवारें धारण करके गुरु साहिब जी ने यह संदेश दिया कि धर्म और समाज की रक्षा
के लिए आध्यात्मिक शक्ति के साथ-साथ सांसारिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करना भी आवश्यक
है।
सरदार कालका ने संगतों से अपील की
कि वे गुरु साहिब जी की शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाएँ और सत्य, न्याय, सेवा, दया
तथा मानवता के कल्याण के लिए कार्य करें। उन्होंने कहा कि आज के समय में गुरु साहिब
जी द्वारा प्रतिपादित मीरी-पीरी के सिद्धांत का महत्व और भी बढ़ गया है, जो हमें सामाजिक
जिम्मेदारी और आध्यात्मिक उत्कर्ष का मार्ग दिखाता है।
सरदार हरमीत सिंह कालका ने अरदास की
कि गुरु साहिब जी की कृपा से समस्त मानवता में शांति, भाईचारा और खुशहाली का वास हो।

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