नई दिल्ली, 27 मई 2026 :
दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष एवं शिरोमणि अकाली दल दिल्ली स्टेट के राष्ट्रीय नेता सरदार हरमीत सिंह कालका ने आज कहा कि शिरोमणि अकाली दल दिल्ली स्टेट हमेशा सिख कौम की चढ़दी कला, पंथक मर्यादाओं और जनसेवा के लिए समर्पित रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी ने हर कठिन समय में संगत, किसानों और आम लोगों के अधिकारों के लिए मजबूती से आवाज उठाई है, जिसके कारण लोगों का विश्वास पार्टी की सोच, सिद्धांतों और पंथक सेवाओं के प्रति लगातार बढ़ रहा है।
सरदार हरमीत सिंह कालका ने बताया कि आज वार्ड नंबर 46 से सरदार अमनजीत सिंह और उनके साथियों ने बड़ी संख्या में शिरोमणि अकाली दल दिल्ली स्टेट में शामिल होकर पार्टी को मजबूत किया है। उन्होंने सभी का दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी और पार्टी की ओर से स्वागत करते हुए कहा कि यह शामिलीकरण सरदार भूपिंदर सिंह भुल्लर और सरदार शमशेर सिंह संधू के नेतृत्व में हुआ है, जो इस बात का प्रमाण है कि नौजवान और संगत बड़ी संख्या में पंथक विचारधारा से जुड़ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने मानवता की सेवा का अनूठा इतिहास रचा। घर-घर लंगर और राशन पहुंचाने से लेकर मुफ्त डायलिसिस, सस्ती दवाइयां, एमआरआई, सीटी स्कैन तथा अन्य मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध करवाकर कमेटी ने हजारों परिवारों की सेवा की। उन्होंने कहा कि गुरु हरिकृष्ण पब्लिक अस्पताल और गुरुद्वारा बंगला साहिब में चल रही स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लाखों लोग प्राप्त कर रहे हैं।
सरदार कालका ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में भी दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा ऐतिहासिक कार्य किए गए हैं। गुरु हरिकृष्ण पब्लिक स्कूलों, कॉलेजों और इंजीनियरिंग संस्थानों को आधुनिक सुविधाओं से मजबूत किया गया है, जिसके कारण हर वर्ष हजारों विद्यार्थी उच्च शिक्षा प्राप्त कर देश की प्रगति में योगदान दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को गुरबाणी, गुरसिखी, पंजाबी भाषा और सिख इतिहास से जोड़ने के लिए लगातार गुरमत कैंप आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि पहले वर्ष 4 हजार बच्चों ने भाग लिया था, जबकि पिछले वर्ष 15 हजार से अधिक बच्चों ने हिस्सा लिया और इस वर्ष इस संख्या में और अधिक वृद्धि होने की उम्मीद है।
सरदार हरमीत सिंह कालका ने दृढ़ता से कहा कि शिरोमणि अकाली दल दिल्ली स्टेट हमेशा सिख सिद्धांतों, कौमी उसूलों और गुरु साहिबानों की शिक्षाओं की रक्षा करता रहेगा तथा किसी भी परिस्थिति में पंथक मर्यादा से समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी नेता और कार्यकर्ता निस्वार्थ भावना से संगत की सेवा और पंथक मूल्यों को और मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य करते रहेंगे।

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