— ब्रिगेडियर सुखजीत सिंह एवं उपायुक्त आकाश बंसल की
पहल सराहनीय : राकेश शर्मा
कपूरथला।
कपूरथला शहर अपनी ऐतिहासिक, सांस्कृतिक
एवं स्थापत्य विरासत के कारण देश-विदेश में “पेरिस ऑफ पंजाब” के नाम से प्रसिद्ध रहा है। फ्रांसीसी
वास्तुकला से प्रेरित भव्य इमारतें, महल, ऐतिहासिक द्वार एवं विरासत भवन आज भी कपूरथला
की गौरवशाली पहचान को जीवित रखते हैं। किंतु समय के साथ इन ऐतिहासिक धरोहरों की स्थिति
लगातार चिंताजनक होती जा रही है, जो शहरवासियों के लिए चिंता का विषय है।
सीनियर सिटीजन क्लब (रजि.), शालीमार
बाग, कपूरथला के महासचिव राकेश शर्मा ने जारी प्रेस वक्तव्य में कहा कि शहर की विरासत
केवल ईंट-पत्थरों की इमारतें नहीं, बल्कि कपूरथला के गौरवशाली इतिहास और सांस्कृतिक
पहचान की अमूल्य धरोहर हैं। यदि समय रहते इनके संरक्षण के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए
तो आने वाली पीढ़ियां इस ऐतिहासिक विरासत से वंचित हो जाएंगी।
उन्होंने कहा कि कपूरथला रियासत के
वर्तमान महाराजा ब्रिगेडियर सुखजीत सिंह (महावीर चक्र), जो भारतीय सेना के वीर अधिकारी
एवं देश के सम्मानित व्यक्तित्वों में से एक हैं, आज 92 वर्ष की आयु में भी कपूरथला
की विरासत को लेकर अत्यंत चिंतित हैं। ब्रिगेडियर सुखजीत सिंह भारतीय सेना में उल्लेखनीय
सेवाएं दे चुके हैं तथा 1971 के भारत-पाक युद्ध में उनके साहस और नेतृत्व के लिए उन्हें
देश के दूसरे सर्वोच्च वीरता सम्मान महावीर चक्र से सम्मानित किया गया था।
हाल ही में उन्होंने कपूरथला के माननीय
उपायुक्त श्री आकाश बंसल एवं प्रशासनिक अधिकारियों के साथ शहर की ऐतिहासिक इमारतों
का दौरा किया और उनकी वर्तमान स्थिति पर चिंता व्यक्त की। इस दौरान उन्होंने विरासत
भवनों के संरक्षण, रखरखाव और सौंदर्यीकरण के लिए आवश्यक कदम उठाने पर बल दिया। उपायुक्त
श्री आकाश बंसल द्वारा भी इस दिशा में दिखाई गई गंभीरता एवं संवेदनशीलता की शहरवासियों
द्वारा सराहना की जा रही है।
राकेश शर्मा ने कहा कि यह केवल प्रशासन
की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि कपूरथला के प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है कि वह शहर
की ऐतिहासिक पहचान को बचाने के लिए आगे आए। समाज के बुद्धिजीवियों, सामाजिक संस्थाओं,
व्यापारिक संगठनों और युवाओं को मिलकर इस विरासत संरक्षण अभियान का हिस्सा बनना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि समय रहते इन भवनों
के संरक्षण और मरम्मत की दिशा में कार्य नहीं किया गया, तो कपूरथला की ऐतिहासिक पहचान
धीरे-धीरे समाप्त हो सकती है। शहर की सुंदरता, स्वच्छता और ऐतिहासिक छवि को बनाए रखना
हम सभी की साझा जिम्मेदारी है।
अंत में सीनियर सिटीजन क्लब (रजि.),
शालीमार बाग, कपूरथला ने प्रशासन से मांग की कि विरासत भवनों के संरक्षण हेतु विशेष
योजना बनाकर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी कपूरथला
की इस गौरवशाली विरासत पर गर्व कर सकें।
— राकेश शर्मा
महासचिव
सीनियर सिटीजन क्लब (रजि.)
शालीमार बाग, कपूरथला

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