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पवन गुरु, पानी पिता, माता धरत महत" के संदेश को जीवन में अपनाएं और पर्यावरण बचाएं : हरमीत सिंह कालका

 


 

नई दिल्ली 5 जून, 2026 विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष सरदार हरमीत सिंह कालका ने कहा कि सिख गुरु साहिबानों ने सदियों पहले ही मानवता को प्रकृति से प्रेम और उसका सम्मान करने का संदेश दिया था। उन्होंने कहा कि श्री गुरु नानक देव जी द्वारा प्रदत्त महान सिद्धांत "पवन गुरु, पानी पिता, माता धरत महत" में संपूर्ण पर्यावरण का महत्व समाहित है। यह संदेश हमें सिखाता है कि वायु, जल और धरती केवल प्राकृतिक संसाधन नहीं हैं, बल्कि मानव जीवन का आधार हैं, जिनकी रक्षा करना देश के प्रत्येक नागरिक का नैतिक कर्तव्य है।

 

यहाँ जारी अपने संदेश में सरदार कालका ने कहा कि आज मानवता पर्यावरण से जुड़ी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है। उन्होंने कहा कि बढ़ता प्रदूषण, वनों की कटाई, जल स्रोतों में कमी और बदलते जलवायु हालात मानव जीवन के लिए खतरे की घंटी हैं। ऐसे समय में प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व बनता है कि वह प्रकृति की रक्षा के लिए अपनी जिम्मेदारी निभाए।

 

उन्होंने देशवासियों से आह्वान करते हुए कहा कि आइए, हम सभी मिलकर पर्यावरण संरक्षण के लिए एक जन-अभियान चलाएं और आने वाली पीढ़ियों को एक स्वच्छ, सुंदर और सुरक्षित धरती देने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि धरती के भविष्य को सुरक्षित बनाने का महान कार्य है।

 

उन्होंने देशवासियों से पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास करने का आह्वान करते हुए वृक्ष लगाने, जल संरक्षण करने और प्रदूषण को कम करने का दृढ़ संकल्प लेने की अपील की।

 

उन्होंने कहा कि यदि देश का प्रत्येक नागरिक जल संरक्षण, प्लास्टिक के कम उपयोग, स्वच्छता और हरियाली बढ़ाने के लिए छोटे-छोटे प्रयास करे, तो पर्यावरण को प्रदूषित होने से बचाया जा सकता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर न केवल स्वयं जागरूक बनें, बल्कि अपने परिवारों, बच्चों और समाज को भी पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करें।

 

 

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