नई दिल्ली, 6 मई 2026
दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष सरदार
हरमीत सिंह कालका ने आज जारी बयान में कहा कि कल सरदार मनजीत सिंह जीके द्वारा साझा
की गई वीडियो में गुरुद्वारों की संपत्तियों संबंधी की गई बातें अधूरी और भ्रामक हैं।
उन्होंने कहा कि यह निश्चित रूप से स्वागतयोग्य है
कि गुरु घर की संपत्ति के मुद्दे उठाए जा रहे हैं, लेकिन इसके साथ ही पूरी सच्चाई संगत
के सामने रखना भी उतना ही आवश्यक है। सरदार कालका ने कहा कि जब मनजीत सिंह जीके दिल्ली
सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष थे, उस दौरान गुरु घर की संपत्तियों के प्रबंधन
और लिए गए निर्णयों के बारे में भी स्पष्ट जानकारी दी जानी चाहिए।
उन्होंने जोर देते हुए कहा कि “आधी-अधूरी जानकारी
लेना और देना दोनों ही खतरनाक होते हैं।” उन्होंने सवाल उठाया कि करोल बाग जैसी कीमती संपत्तियों
के संबंध में क्या फैसले लिए गए और वे किस प्रक्रिया के तहत किए गए।
सरदार कालका ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में पारदर्शिता
और जवाबदेही अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक
कमेटी के इतिहास में पहली बार ऐसी स्थिति सामने आई है जब किसी अध्यक्ष को न्यायिक कार्यवाही
का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने मनजीत सिंह जीके से अपील की कि वे संगत के
सामने अपने कार्यकाल के दौरान लिए गए निर्णयों और उनके परिणामों के बारे में खुलकर
बताएं। उन्होंने कहा कि संगत को गुमराह करने के बजाय सच्चाई प्रस्तुत करनी चाहिए।
सरदार कालका ने यह भी बताया कि वर्तमान दिल्ली सिख
गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी पूरी पारदर्शिता के साथ काम कर रही है और गुरु घर की एक इंच
जमीन भी किसी को हाथ से नहीं जाने दी जाएगी। उन्होंने विश्वास दिलाया कि संगत के भरोसे
को कायम रखते हुए गुरु घर की संपत्तियों की सुरक्षा और देखभाल सुनिश्चित की जा रही
है।
उन्होंने संगत से अपील की कि अफवाहों से सावधान रहें
और केवल सच्चाई और तथ्यों पर ही विश्वास करें। उन्होंने कहा कि कुछ तत्वों द्वारा फैलाई
जा रही बातों का कोई आधार नहीं है और संगत को एकजुट होकर गुरु घर की मर्यादा और संपत्ति
की रक्षा करनी चाहिए।

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