Top News

गरीबी में जन्म लिया और गरीबी में ही मर रहे, दंपती ने जहरीला पदार्थ निगलकर आत्महत्या

 


 

लुधियाना जिले के अधीन आते गांव पमाल में एक दंपती ने जहरीला पदार्थ निगलकर आत्महत्या कर ली। घटना का पता तब चला जब निजी अस्पताल में कार्यरत दंपती का बेटा ड्यूटी खत्म कर घर लौटा। घटनास्थल से एक सुसाइड नोट मिला है जिसमें लिखा है कि हमने गरीबी में जन्म लिया और गरीबी में ही मर रहे हैं।मृतकों की पहचान 55 वर्षीय गुरमीत सिंह और उनकी पत्नी नरिंदर कौर के रूप में हुई है। इस दंपती के तीन बच्चे हैं, जिनमें से एक बेटा-बेटी कनाडा में और एक बेटा लुधियाना के ही एक अस्पताल में नौकरी कर परिवार का साथ दे रहा था। मंगलवार रात करीब साढ़े तीन बजे जब बेटा काम से घर लौट रहा था तो उसने माता-पिता को कई फोन और मैसेज किए लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। घर पहुंचने पर दरवाजा खुला देख जब वह भीतर गया तो उसके माता-पिता के शव पड़े थे। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भिजवाया।पारिवारिक सूत्रों के अनुसार नरिंदर कौर बीते 6 वर्षों से गंभीर बीमारियों से जूझ रही थीं। पत्नी की निरंतर बिगड़ती सेहत और आर्थिक तंगी के कारण गुरमीत सिंह गहरे मानसिक तनाव में थे। बरामद सुसाइड नोट में दंपती ने लिखा है कि वे अपनी जिंदगी से पूरी तरह टूट चुके हैं। उनके इस कदम के लिए कोई दोस्त, रिश्तेदार या परिवार का सदस्य जिम्मेदार नहीं है। पत्र में बच्चों से माफी मांगते हुए लिखा गया है कि उन्होंने गरीबी में जन्म लिया और गरीबी में ही इस दुनिया को छोड़ रहे हैं। थाना जोधां के एसएचओ मीत ने बताया कि सुसाइड नोट के आधार पर पुलिस ने किसी भी व्यक्ति को नामजद नहीं किया है।

 

Post a Comment

Previous Post Next Post
Tribune Times News
Tribune Times News