नई दिल्ली, 5 मई 2026
दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष सरदार हरमीत सिंह कालका ने आज जारी अपने बयान में सरदार परमजीत सिंह सरना द्वारा जारी की गई वीडियो पर सख्त प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस वीडियो में नजर आ रही निराशा साफ तौर पर दर्शाती है कि जब भी दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी को स्कूलों से संबंधित कोई राहत मिलती है या कमेटी के विकास कार्य आगे बढ़ते हैं, तो परमजीत सिंह सरना को यह बात बर्दाश्त नहीं होती।
उन्होंने कहा कि सरना द्वारा 2006 के मामले को उठाकर सवाल खड़े करना पूरी तरह बेबुनियाद है, क्योंकि उस समय वह स्वयं दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष थे। कालका ने याद दिलाया कि 6वें वेतन आयोग को लागू करने की जिम्मेदारी सरना के कार्यकाल के दौरान थी, लेकिन 2013 के चुनावों तक भी इसे लागू नहीं किया गया, जबकि अभिभावकों से एकत्र किए गए फंड इसी उद्देश्य के लिए थे।
कालका ने आरोप लगाया कि सरना के कार्यकाल में स्कूलों की आर्थिक स्थिति को भारी नुकसान पहुंचा, जिसकी भरपाई अभी तक पूरी नहीं हो सकी है। उन्होंने बताया कि मौजूदा दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा लगभग 200 करोड़ रुपये स्कूलों की भलाई के लिए खर्च किए गए हैं।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि 2013 के बाद दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अधीन चल रहे गुरु हरकृष्ण पब्लिक स्कूलों में किसी भी नए स्टाफ की भर्ती नहीं की गई, जबकि परमजीत सिंह सरना द्वारा अतिरिक्त स्टाफ की भर्ती कर संस्थाओं पर बोझ बढ़ाया गया था।
सरना द्वारा 123 करोड़ रुपये छोड़ने के दावे को भी कालका ने खारिज करते हुए कहा कि इस संबंध में सच्चाई उस समय के उनके सहयोगियों से पूछी जा सकती है, जिन पर खुद सरना ने एफआईआर दर्ज करवाई थी।
जायदाद बेचने के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कालका ने कहा कि न तो अदालत ने ऐसी कोई बात कही है और न ही दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी इस बारे में सोच रही है। उन्होंने सरना से अपील की कि वे गलतफहमियां फैलाने के बजाय अपने बयानों में संयम और गंभीरता लाएं।
कालका ने कहा कि अदालत द्वारा दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी को मिली राहत, जिसके तहत सेवानिवृत्त कर्मचारियों के साथ सहमति के आधार पर आगे बढ़ने की अनुमति दी गई है, कमेटी के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, लेकिन यह बात भी सरना को स्वीकार नहीं हो रही।
उन्होंने संगत से अपील की कि वे तथ्यों को समझें और अफवाहों से दूर रहें, क्योंकि दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी हमेशा गुरु घरों और शैक्षणिक संस्थानों की भलाई के लिए प्रतिबद्ध रही है।

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